‘बंगला किसी की बपौती नहीं’, सम्राट चौधरी के बयान से बिहार में सियासत तेज

‘The Bungalow Is No One’s Personal Property’—Samrat’s Statement Intensifies Politics in Bihar

पटना : बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर सियासी घमासान लगातार बढ़ता जा रहा है। पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। इस बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के तीखे बयानों ने मामले को और गर्मा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सरकारी बंगला किसी की निजी संपत्ति नहीं है और नियमों के अनुसार उसे खाली करना ही होगा।

‘बंगला किसी की बपौती नहीं’

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकारी आवास जनता की संपत्ति होते हैं और उन पर किसी व्यक्ति या परिवार का स्थायी अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्तियों का इस्तेमाल नियमों के अनुसार होना चाहिए और कोई भी व्यक्ति उन्हें अपनी निजी जागीर नहीं समझ सकता। सम्राट चौधरी ने दो टूक कहा, “बंगला किसी की बपौती नहीं है।”

‘कोई माई का लाल नहीं रोक सकता’

एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राबड़ी देवी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकारी नियमों के तहत आवास खाली करना ही पड़ेगा। उन्होंने कहा, “घर तो खाली करना पड़ेगा, कोई माई का लाल इसे रोक नहीं सकता।” सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि बिहार में लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं और जनता ही असली मालिक है।

राबड़ी देवी के इनकार से बढ़ा विवाद

दरअसल, बिहार सरकार ने राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने का नोटिस दिया है। हालांकि राबड़ी देवी ने इसे मानने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि वह किसी भी कीमत पर यह बंगला नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने यहां तक कहा कि सरकार चाहे जितनी फोर्स लगा ले, वह आवास खाली नहीं करेंगी।

लालू परिवार पर भी साधा निशाना

सम्राट चौधरी ने बिना नाम लिए लालू परिवार पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को सरकारी घरों से इतना लगाव है कि मां के लिए अलग और बेटे के लिए अलग आवास चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का ध्यान जनता की सेवा पर होना चाहिए, न कि सरकारी बंगलों पर।

खुद का उदाहरण देकर कही बड़ी बात

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई अहम पदों पर रहते हुए भी निजी आवास में रहना पसंद किया। उन्होंने कहा कि जिस दिन पार्टी और नेतृत्व उनसे पद छोड़ने को कहेगा, वह 24 घंटे के भीतर सरकारी आवास खाली कर देंगे।

आरजेडी का पलटवार

सम्राट चौधरी के बयानों पर आरजेडी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का आरोप है कि सरकार जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए आवास विवाद को तूल दे रही है। आरजेडी ने मुख्यमंत्री के बयान को राजनीतिक बयानबाजी बताते हुए कहा कि यह मुद्दा केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए उठाया जा रहा है।

एनडीए ने किया समर्थन

वहीं एनडीए के नेताओं ने मुख्यमंत्री के रुख का समर्थन किया है। उनका कहना है कि सरकारी संपत्तियों के आवंटन और उपयोग में नियमों का पालन होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को सरकारी आवास पर स्थायी दावा करने का अधिकार नहीं है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है सियासी गर्मी

राबड़ी देवी के सरकारी आवास को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है। दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर हमलावर हैं और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और अधिक गर्माहट ला सकता है।

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